रविवार की सुबह

 रविवार की सुबह

आज का दिन एक शांत और ताज़गी भरा रविवार जैसा लगा, जब सब कुछ अपनी ही धीमी और आरामदायक रफ्तार से चलता है। सुबह की शुरुआत मैंने अपने भाई के साथ मॉर्निंग वॉक करके की। मौसम ठंडा और सुहावना था, और सड़कें भी अभी ज़्यादा व्यस्त नहीं हुई थीं, इसलिए चलना और भी अच्छा लग रहा था। मॉर्निंग वॉक हमेशा दिमाग को थोड़ा शांत और ताज़ा कर देती है, और आज तो यह पूरे हफ्ते की व्यस्तता के बाद और भी अच्छा लगा।

वॉक के दौरान मैंने अपने बायोलॉजी के CIA के लिए कुछ पौधों की तस्वीरें भी लीं। यह अनुभव काफ़ी दिलचस्प था क्योंकि आमतौर पर हम पौधों के पास से बस यूँ ही गुजर जाते हैं, लेकिन आज जब मैंने उन्हें ध्यान से देखा तो उनकी पत्तियों के अलग-अलग पैटर्न, रंग और आकार नज़र आए। इससे वॉक सिर्फ़ एक सैर नहीं रही, बल्कि थोड़ी सीखने वाली और प्रोडक्टिव भी बन गई।

घर वापस आने के बाद दिन धीरे-धीरे आगे बढ़ता रहा। रविवार अक्सर छोटे-छोटे काम पूरे करने, बाकी बचे कामों को निपटाने और थोड़ा आराम करने में निकल जाता है। मैंने थोड़ा समय चीज़ों को व्यवस्थित करने और आने वाले हफ्ते के लिए खुद को मानसिक रूप से तैयार करने में बिताया।

शाम तक दिन काफी शांत और संतोषजनक लगा। आज का दिन बहुत रोमांचक नहीं था, लेकिन इसमें एक सुकून था जिसने मुझे आने वाले दिनों के लिए तैयार होने का मौका दिया। 

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