अपनापन से भरी एक मुलाकात
आज का दिन काफी भावुक और खास था क्योंकि आज मैं अपने दादाजी से मिलने गई, जिनकी हाल ही में दिल की बड़ी सर्जरी हुई थी। पिछले कुछ दिनों से पूरा परिवार उनकी सेहत को लेकर थोड़ा चिंतित था, इसलिए उन्हें सामने से देखना और यह जानना कि वह धीरे-धीरे ठीक हो रहे हैं, हम सबके लिए बहुत सुकून देने वाला पल था। वह अभी थोड़े थके हुए लग रहे थे, लेकिन फिर भी उन्हें बेहतर होते देख कर दिल को काफी राहत मिली। उनके साथ बैठकर बात करना मुझे यह भी याद दिला रहा था कि परिवार के साथ बिताए ऐसे पल कितने महत्वपूर्ण होते हैं।
आज का एक और खास हिस्सा यह था कि मेरी आंटी भी हमसे मिलने आई थीं। वह लंदन से आई थीं और काफी समय बाद उनसे मिलना हुआ। उनके आने से घर का माहौल तुरंत ही और ज्यादा गर्मजोशी भरा और खुशहाल हो गया। उनके साथ उनकी एक सहकर्मी वेंडी भी आई थीं, जो पहली बार भारत आई थीं। उनसे बात करना दिलचस्प था, इसलिए मैंने उनसे पूछा कि उन्हें यहाँ कैसा लग रहा है और वह आगे कौन-कौन सी जगहें घूमने का प्लान कर रही हैं। उन्होंने बताया कि यहाँ की चीजें लंदन से काफी अलग लगती हैं और वह भारत को और करीब से देखना चाहती हैं।
बाद में हम सब साथ बैठकर खाना खाए, जो मेरी मम्मी ने बनाया था। वेंडी को खास तौर पर घर का बना खाना बहुत पसंद आया और उन्होंने उसकी काफी तारीफ की, जिससे मम्मी भी बहुत खुश हो गईं। दिन के अंत में मुझे परिवार की गर्माहट, अच्छी बातचीत और साथ बिताए समय के लिए बहुत आभार महसूस हुआ। ✨
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